हमने इतनी मुहब्बत की रब से की,
रब ने सराब पिला दिया....२
आंखे बंद की ज्यो ही ,
hakikat का एक खाब दिखा दिया
रब ने सराब पिला दिया
वो अफासाने भी दुरूह थे
वो यादे भी सुकून थी
जो इश्k में खुद को भुला दिया
हमने इतनी मुहब्बत की रब से की,
रब ने सराब पिला दिया..
ऐ खुदा मेरी jan
तू मेरी नैनों में समाज
जरा सामने तो aa जा
नयना खोलू भी तो तू ,बंद करू भी तो तू
ये तो तेरा ही jahaa है
जरा एक जम तो छलका जा
दो पल भर के लिए ही सही
नयना तो मिला जा
ऐ खुदव जरा सामने तो आ जा
तेरा चेरह नजरो में कही खो रहा
पलकों ली बारिस में कब से भिगो रहा
तेरे yade कही फीकी न हो
मुझको खुद में समां जा
होठो से ही सही जम to पिला जा....
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